तेरा रूठ जाना मुझे बहुत सताता है ।।

हर एक सपना है
जो तुझसे ही शुरू हो जाए,
तुझे मनाने मैं बहुत सारा
वक्त जाया हो जाए ।।a

हसी भरी तेरी मुस्कान
मुझे बहुत भाही है,
तुझे हर दिन देख कर
तु दिल में समाई है।।

खुशियां खुशियां बिछा दूंगा
तेरी ही कदमों मैं,
हर ओ खुशियां खरीदना चाहूंगा
मैं एक बाजार में ।।

प्यारी है तेरी ओ मुस्कान
जिससे ये दिल की रूबरू है खुशियां,
छोटा एक मकान हो
जिंदगी भर के लिए तेरा हाथों मैं हाथ हो।।

छोटी है जिंदगी
बीत जाए कुछ पल,
कभी मत रूठना
छोटी छोटी बात पर ।।

परेशान तो में करता हु तुझे
कोई बात का भूरा भी लगे,
कह देना मुझे गुस्से में सवार होकर
नाराज नही रहूंगा तेरे कुछ कह देने से ।।

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Happy Father’s Day

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सफर भरी ज़िंदगी ।।

कुछ पल की खुशिया
यादों से मिट जाएगी ।।
हर वक्त जो बीता हुआ है
हमे हमेशा याद आता रहेगा ।।


एक दिन ऐसा भी होगा
हम चलते रहेंगे साथ कोई नही होगा।।
रास्तों की मंजिल मिल तो जाएगी
पर हसी भरा मौका नहीं मिल पाएगा ।।


😔😔😔😏😏😭😭😭😭

बचपन ही सही था ।। 🤗🤗🤗😃😃😊😜😜😍🤪🤪

बचपन ही सही था
शरारतों से भरा हुआ था ।।

मां का प्यार था
छोटिसी थी यह जिंदगी ।।

रोना भी यही था
हसने के भी बहाने थे ।।

छोटे छोटे भाई बहन
मस्ती भरे ओ दिन थे ।।

हसा बसा यह पल
मां बाप का ही साया है ।।

देर से उठाकर भी
हरा भरा दिन था ।।

ना कोई काम था
ना कोई परेशानी थी ।।

छोटासा यह बचपन
नखरे बहुत बड़े थे ।।

मां की कभी डाट थी
तो कही मां की ममता भी थी ।।

गुजर गया छोटासा बचपन
गुजर गया हो अपानसा वक्त ।।

आज हुए बड़े हम
परेशानी से घेहेर हुए ।।

रोना तो आज भी आता है
बीत गया हो कल का पल ।।

एक हमसफर जिन्दगी का ।।

खूबसूरत हमसफर हो या ना हो,
उससे कोई शिकायत नहीं ।।
हर मुसीबत में साथ हो
उससे बड़ा ऐसास कोई नहीं ।।
पलभर ही सही दोस्तों की साथ रहे
जिन्दगी की यह पहल यही ख़त्म होगी ।।
अफसोस नहीं है कोई बात
जब हमसे कोई रूठासा हो ।।
मना लेंगे हम उसे
दोस्ती की वास्ता दे कर ।।
जिन्दगी सवर सी जाएगी
थोड़ा साथ अपनों का हो जाए ।।

यादें हमेशा रुलाती हैं।।

आंखों से निकलने वाले आंसू
कभी जूठ नहीं बोलने देती है ।।

कही खामोशियां छुपी हुई हैं
तो कही नाराज़गी दिल में भरी हुई है ।।

पता नहीं आज जिंदगी कोनसा नया मोड़ ले आएगी
कभी आंसुओ ने रुलाया हैं कभी अपनो रुलाया ।।